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Thursday, March 3, 2016

दिशाहीन क्रांती

भई व्यवस्था के खिलाफ नही,
अव्यवस्था के खिलाफ लडो |
वैसे लडना झगडना आम बात है,
सब साथ मिलकर कुछ सुधार लाने की बात करें?
पर सुधार लाने के लिए सोच की जरूरत होती है,
पढाई की जरूरत होती है, लडाई की नही |
सुधार लाने के लिए सब को साथ लेकर चलना पडेगा, थोडासा रूकना पडेगा,
शायद दुष्मन (?) से भी हात मिलाना पडेगा |

हम काम करेंगे .. जंगल बचाऐंगे, कुदरत बचाऐंगे,
स्वच्छ सुंदर शेहेर बसाऐंगे,साथ साथ गाँव भी बचाऐंगे..
हरीयाली के साथ पैसोवाली खुशहाली भी लाऐंगे |

तुम तो ठेहरे क्रांतीवादी , छोडो, ये सब तुमसे ना हो पाएगा !
©ओमकार गिरकर

#Visionless
#Revolt
#JNU
#कन्हैया

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